हे दोस्तों,
आज सुबह जब मैंने अपनी खिड़की से बाहर देखा, तो आसमान एक अजीब सी मंद लालिमा लिए हुए था। हवा में एक अलग सी सनसनी थी, ऐसा लग रहा था जैसे प्रकृति कुछ बड़ा इशारा कर रही है। और हाँ, मेरी यह feeling सही निकली। मौसम विभाग की नई चेतावनी ने सचमुच सबको चौंका दिया है।
आज का weather update बिल्कुल सामान्य नहीं है। यह एक गंभीर alert है। बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवात ‘मोंथा’ अब एक भयानक तूफान का रूप ले चुका है। यह सिर्फ समुद्र तटों की बात नहीं रही, अब यह हमारे देश के 21 राज्यों के लिए एक बड़ा खतरा बन गया है। मेरा दिल दहल रहा है जब यह सोचता हूँ कि इतने बड़े इलाके के लोग इसकी चपेट में आ सकते हैं।
क्या होगा असर?
मौसम विभाग के मुताबिक, अगले तीन से चार दिन पूरे देश के मौसम पर इसका गहरा असर दिखेगा। पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड से लेकर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और यहाँ तक कि महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों में भी भारी बारिश की आशंका है। तटीय इलाकों में तो हवाओं की रफ्तार खतरनाक स्तर तक पहुँच सकती है। नदियाँ उफान पर आ सकती हैं, और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है।
कैसे रहें तैयार?
इस वक्त डरने या अफवाह फैलाने से कुछ नहीं होगा। सबसे पहले तो सतर्क रहें। रेडियो, टीवी या मौसम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से नियमित अपडेट लेते रहें। अपने घर का सामान, खासकर छत और खिड़कियाँ, सुरक्षित कर लें। बिजली के अतिरिक्त उपकरण बंद रखें। बाहर निकलने से बचें, खासकर अगर आपके इलाके में लाल या नारंगी अलर्ट जारी किया गया हो। पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। अपने पास जरूरी दवाइयाँ, पानी, टॉर्च और कुछ सूखा खाना जरूर रखें।
मेरी personal feeling:
सच कहूँ तो, ऐसी खबरें सुनकर मन बहुत भारी हो जाता है। हम इंसान कितनी भी तरक्की कर लें, प्रकृति के आगे हमारी ताकत कुछ नहीं। लेकिन फिर यही सोचकर दिल को समझाता हूँ कि सही तैयारी और एक-दूसरे की मदद से हम किसी भी मुसीबत का सामना कर सकते हैं। आज का दिन अपने परिवार, पड़ोसियों, खासकर बुजुर्गों और जरूरतमंद लोगों की चिंता करने का है। एक छोटी सी मदद भी बड़ा बदलाव ला सकती है।
अंत में,
यह कोई मामूली बारिश का पूर्वानुमान नहीं है। ‘मोंथा’ एक बड़ी प्राकृतिक चुनौती है। लेकिन घबराएँ नहीं। जागरूक रहें, सुरक्षित रहें और दूसरों को भी प्रेरित करें। हम सब मिलकर इस मुश्किल घड़ी को भी पार कर लेंगे।
ध्यान रखें, सावधानी ही बचाव है।










